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आईआईटी मुंबई की डायमंड जुबलीः पीएम ने सराहा, 1000 करोड़ की देंगे आर्थिक मदद

  • [By: FPIndia || Published: Aug 11, 2018 21:12 PM IST
आईआईटी मुंबई की डायमंड जुबलीः पीएम ने सराहा, 1000 करोड़ की देंगे आर्थिक मदद
Mumbai: आईआईटी मुंबई के 56वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्थान और उसके छात्र-छात्राओं को सराहा। प्रधानमंत्री ने 1000 करोड़ रुपए की देंगे आर्थिक मदद की भी घोषण की। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया और अपने संबोधन में कहा कि आईआईटी की परिभाषा आज थोड़ी बदल गई है। यह सिर्फ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई से जुड़े स्थान भर नहीं रह गए हैं, बल्कि आज इंडियाज इंस्ट्रूमेंट ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन बन गए हैं। आईआईटी मुंबई देश के उन संस्थानों में से है जो न्यू इंडिया की न्यू तकनीक के लिए काम करता है। पूरा देश भी आईआईटी छात्रों से प्रेरणा लेता है हमारे छात्र विदेश में भी कामयाब हैं।
     पीएम मोदी विशेष विमान से एयरपोर्ट पहुंचे। वहां राज्यपाल सी विद्यासागर राव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने उनका स्वागत किया। के 56वें दीक्षांत समारोह में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आईआईटी मुंबई स्वतंत्र भारत के उन संस्थानों में है जिनकी परिकल्पना टेक्नोलॉजी के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण को नई दिशा देने के लिए की गई थी। बीते 60 वर्षों से आप निरंतर अपने इस मिशन में जुटे हैं। 100 छात्रों से शुरु हुआ सफर आज 10 हजार तक पहुंच चुका है। इस दौरान आपने खुद को दुनिया के टॉप संस्थानों में स्थापित भी किया है। यह संस्थान अपनी हीरक जयंति मना रहा हैं, डायमंड जुबली। पर उससे अधिक महतवपूर्ण हैं वे सभी हीरे, जो यहाँ मेरे सामने बैठे हैं, जिन्हें आज दीक्षा प्राप्त हो रही हैं, और जो यहाँ से दीक्षा पाकर, पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। आज इस अवसर पर सबसे पहले मैं डिग्री पाने वाले देश-विदेश के विद्यार्थियों को और उनके परिवारों को हृदयपूर्वक बधाई देता हूं।
     समारोह में डॉक्टर रोमेश वाधवानी जी को डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि भी दी गई। पीएम ने उन्हें भी बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने टेक्नोलॉजी को जन सामान्य की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए उम्र भर काम किया है। वाधवानी फाउंडेशन के जरिए इन्होंने देश में युवाओं के लिए रोजगार निर्माण का माहौल तैयार करने का बीड़ा उठाया है। एक संस्थान के बतौर य आप सभी के लिए भी गर्व का विषय है कि यहां से निकले वाधवानी जी जैसे अनेक छात्र-छात्राएं आज देश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। बीते 6 दशकों की निरंतर कोशिशों का परिणाम बेहतर है। उन्होंने कहा कि संस्थान को एक हजार करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मिलने वाली है जो आने वाले समय में यहां इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में काम आने वाला है। इसके लिए भी मैं आपको और पूरी इस टीम को बहुत-बहुत बधाई

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