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अफगानिस्तान में 20 सिख-हिंदुओं की मौत बना आत्मघाती हमला, भारत ने की निंदा

  • [By: FPIndia || Published: Jul 02, 2018 16:58 PM IST
अफगानिस्तान में 20 सिख-हिंदुओं की मौत बना आत्मघाती हमला, भारत ने की निंदा

New Delhi: अफगानिस्तान के नांगरहार राज्य की राजधानी जलालाबाद में एक आत्मघाती हमले में 20 लोगों की मौत हो गई। मरने वालो में सिख समुदाय के एक शीर्ष राजनीतिक नेता सहित सिख-हिंदू अल्पसंख्यक रहे। हमले में करीब 20 लोग घायल हुए। यह हमला राष्ट्रपति अशरफ गनी के दौरे के ठीक बाद रविवार को हुआ। हमले में मारे गए लोग एक बस में सवार होकर राष्ट्रपति अशरफ गनी से मिलने के लिए जा रहे थे। प्रांत के पुलिस प्रमुख गुलाम सनाई स्तानेकजई ने मीडिया को बताया की आत्मघाती हमलावर ने इस विस्फोट को अंजाम दिया। हमले की भारत ने निंदा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा करते हुए मृतकों के परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त की। हमले से दहले सिखों ने भारत वापसी की बात की है।  

     मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमला राज्य के गवर्नर के आवास के नजदीक एक बाजार मुखाबेरात स्कवॉयर में हुआ। इस बाजार में ज्यादातर अफगानी अल्पसंख्यक सिखों व हिंदुओं की दुकानें हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के लोग एक बस में सवार होकर राष्ट्रपति अशरफ गनी से मिलने के लिए जा रहे थे तभी उन्हें निशाना बनाया गया और विस्फोट कर दिया गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की दुकानें और मकान भी ध्वस्त हो गए। हमले के बाद अफरा-तफरी मच गई। हमले में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल भी हुए। घायलों को जलालाबाद के अस्पताल में ले जाया गया। इस हमले में सिख समुदाय के नेता अवतार सिंह खालसा की भी मौत हो गई। वह आगामी अक्तूबर में होने जा संसदीय चुनावों में उतरने की घोषणा कर चुके थे। बताया जाता है कि अफगानिस्तान में सिख-हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए संसद में एक सीट आरक्षित है। हमले में अवतार सिंह के बेटे नरेंद्र भी घायल हुए। राष्ट्रपति दो दिवसीय दौरे पर राज्य में ही मौजूद थे। जलालाबाद में उन्होंने एक अस्पताल का उद्घाटन भी किया था। 

     उल्लेखनीय यह है अफगानिस्तान आंतक पीड़ित देश है। इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकियों की गतिविधियां बढ़ती रही हैं। देश में सिख व हिंदुओं की संख्या बहुत कम है। वह अल्पसंख्यत श्रेणी में आते हैं। उन पर धर्म परिवर्तन का भी दबाव रहा है जिससे बचने के लिए 60 हजार से ज्यादा सिख व हिंदू भारत में पहले ही शरण ले चुके हैं। हमले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ी निंदा की। प्रधानमंत्री ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘हम रविवार को अफगानिस्तान में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। यह अफगानिस्तान की बहुसांस्कृतिक संरचना पर हमला है। शोकग्रस्त परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि हमले में घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं। अफगानिस्तान के इस दुख भरे क्षण में भारत उसके सहयोग के लिए तैयार है।’

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