विशेष-रक्षा

भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से दहला था बदनाम पाकिस्तान

  • [By: FPIndia || Published: Sep 28, 2018 17:11 PM IST
भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से दहला था बदनाम पाकिस्तान
-सेना ने मनाया पराक्रम पर्व, पीएम ने किया वीरों को नमन
New Delhi: भारतीय सेना का इतिहास वीर सपूतों को पराक्रम से भरा है। जाबांज जवानों की तरफ से साल 2016 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में की गई सर्जिकल स्ट्राइक नेे आतंकवाद के लिए बदनाम मुल्क न सिर्फ पाकिस्तान को दहलाया था, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश भी दिया था कि भारत अब और आतंकवाद नहीं सहेगा। सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ को पराक्रम पर्व के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर जोधपुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशिया के सबसे बड़े सैन्य स्टेशन पर सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री निर्मला सीतारणन ने कोणार्क कोर के स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की और वीरों को नमन किया। 
     उल्लेखनीय है कि 28-29 सितंबर, 2016 की रात भारतीय सेना के जाबांज जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। यह कदम उड़ी बेस कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद उठाया गया था। भारत की इस बड़ी कार्रवाई से पाकिस्तान को झटका लगा और पूरी दुनिया हैरान रह गई थी। दो साल पूरे होने पर सेना ने इस उपलब्धि पर पराक्रम पर्व मनाया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोधपुर पहुंचे। उन्होंने कोणार्क वार मेमोरियल पर देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले शहीदों को नमन दिया और श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने विजिटर्स बुक में अपने संदेश में लिखा- ‘‘मातृभूमि की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध, समर्पित, वीर सैन्य शक्ति के लिए देश गौरव अनुभव कर रहा है। सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को, पीढ़ी दर पीढ़ी प्रेरणा के प्रतीक सभी को, शत् शत् नमन।’’ उनके साथ देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण व राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराजे भी मौजूद रहीं।
     प्रधानमंत्री ने तीनों के सेनाओं के सर्वोच्च कमांडरों से भी मुलाकात की और सेना के मारक हथियारों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। खुली जिप्सी में सवार होकर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में भारतीय सेना की युद्ध क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया। प्रधानमंत्री ने एकीकृत सैन्य कमांडर सम्मेलन में भी भाग लिया। कमांडर्स से देश की रक्षा के मुद्दों पर गहन मंथन होगा।  

रिलेटेड टॉपिक्स