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POSITIVE: बेहतर शिक्षा से रोशन होगी 12 अनाथ बच्चों की जिंदगी

  • [By: FPIndia || Published: Aug 16, 2018 23:32 PM IST
POSITIVE: बेहतर शिक्षा से रोशन होगी 12 अनाथ बच्चों  की जिंदगी
-कमिश्नर की पहल पर हुई निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था
-शहर के केएल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ने अपनाए 6 बच्चे 
Meerut, (UP): चकाचौंध भरे आधुनिकता के दौर में संवेदनशील होना और किसी दूसरे के बारे में सोचना भी बड़ी बात है। शिक्षा की बुनियाद मजबूत हो, तो जिंदगी उजालों से भर जाती है, लेकिन सभी को शिक्षा का अधिकार मिल जाए यह जरूरी नहीं। बाल गृह में रहने वाले बच्चे पब्लिक स्कूलों में शिक्षा हासिल करने के लिए तरसते हैं। यह नई बात नहीं है, बल्कि एक परंपरागत चिंतानजक व्यवस्था है। संसाधनों और बजट के हिसाब से ही उन्हें तालीम दिलाई जाती है। मेरठ मंडल की कमिश्नर ने बाल गृह में रहने वाले 12 बच्चों के लिए एक ऐसी अनोखी सकारात्मक पहल की है जिसकी हर कोई सराहना कर रहा है। 
    यह बच्चे अब दो पब्लिक स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा हासिल करेंगे। भविष्य में कोई दिक्कत न हो इसके लिए एमओयू हस्ताक्षर किया गया है। अनोखा कदम एक मिसाल है, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है जब ऐसे बच्चों को पब्लिक स्कूलों में इस तरह स्थान मिला है। अंधेरे को कोसने से उजाले का एक दीपक जलाना कहीं दर्जे बेहतर है कुछ इस कहावत को चरितार्थ करते हुए कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने सूरजकुंड स्थित राजकीय बाल गृह, का दौरा कर वहां रह रहे 12 बच्चों के पढ़ाने की निःशुल्क व्यवस्था शहर के प्रतिष्ठित केएल इन्टरनेशनल पब्लिक स्कूल व बी0डी0एस0 इन्टरनेशनल स्कूल में की। इस सम्बंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता व स्कूल मालिकों व प्रबन्धकों के बीच आयुक्त की उपस्थिति में एमओयू हस्ताक्षर किया गया। स्कूलों की तरफ से यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मौजे आदि की किट बच्चों को उपलब्ध करा दी गई है। प्रभारी अधीक्षक तेज प्रताप के मुताबिक बाल गृह में 26 बच्चे हैं। जिन बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी उनके माता-पिता को अभी तक ढूंढा नहीं जा सका है। 
"शिक्षा पर सभी का एकाधिकार है व सभी को शिक्षा मिलनी चाहिये। शिक्षा व स्वास्थ्य प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक अहम योगदान रखते हैं। बच्चे देश का भविष्य हैं इसलिए भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने के लिये इनकी शिक्षा व स्वास्थ्य पर जोर देने की आवश्यकता है। समाज के लोगों को भी गरीब व असहायों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।" -अनीता सी मेश्राम, कमिश्नर, मेरठ मंडल।
 
"यह अनोखी पहल निःसंदेह बेहद सराहनीय है। स्कूल की तरफ से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वह अन्य बच्चों के साथ ही शिक्षा हासिल करेंगे। उनकी किताबों से लेकर ड्रेस तक का खर्च स्कूल वहन करेगा। उन्हें लाने-लेजाने के लिए स्कूल बस लगाई जाएगी। बच्चों के दोपहर के खाने की व्यवस्था भी स्कूल की तरफ से ही होगी।" -तेजेन्द्र खुराना, वाइस चेयरमैन, केएल इंटरनेशल स्कूल।
 

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