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सुप्रीम कोर्ट भी लड़ाकू विमान ‘राफेल’ की ताकत की कायल

  • [By: FPIndia || Published: Dec 14, 2018 13:07 PM IST
सुप्रीम कोर्ट भी लड़ाकू विमान ‘राफेल’ की ताकत की कायल
New Delhi: बेहतरीन लड़ाकू विमान राफेल के सौदे पर भले ही कांग्रेस का लंबे समय तक तूफान रहा हो, लेकिन देश की सर्वोच्च अदालत ने इस पर ब्रेक लगा दिया। कोर्ट ने राफेल सौदे की जांच की मांग वाली 4 याचिकाओं को खारिज कर दिया। मोदी सरकार के क्लीन चिट है कि इस सौदे की जांच नहीं होगी। देश की सुरक्षा और राष्ट्रहित को सर्वोपरी रखा गया। कोर्ट ने कहा कि हमने राष्ट्रीय सुरक्षा और सौदे के नियम-कायदे दोनों को जजमेंट लिखते समय ध्यान में रखा। मूल्य और जरूरत भी हमारे ध्यान में रहे। तीन जजों चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि लड़ाकू विमान देश की जरूरत। देश लड़ाकू विमानों के बगैर नहीं रह सकता। हमें चौथी और पांचवीं पीढ़ी के विमानों की जरूरत है, जो हमारे पास नहीं हैं। कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस घिर गई। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश हो गया। देश की जनता को गुमराह करने का इससे बड़ा प्रयास कभी नहीं हुआ। उसने अपने राजनीतिक फायदे के लिए विवाद को जन्म दिया। 
     माननीय अदालत ने याचिकाओं को खारिज कर दिया और कहा कि विमान सौदे की निर्णय प्रक्रिया सही है। विमानों के मूल्य पर भी कोर्ट को कोई आपत्ति नहीं है। लड़ाकू विमानों की कीमत का निर्णय लेना अदालत का काम नहीं है। हमें फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता। सितंबर 2016 में जब राफेल सौदे को अंतिम रूप दिया गया था, उस वक्त किसी ने खरीद पर सवाल नहीं उठाया था। अदालत ने माना कि भारतीय वायुसेना में राफेल की तरह के चौथी और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को शामिल करने की जरूरत है। हमें लड़ाकू विमानों की जरूरत है और देश लड़ाकू विमानों के बगैर नहीं रह सकता। बता दें कि मोदी सरकार ने 36 राफेल विमानों को सौदा 59000 हजार करोड़ रूपये में किया था।
यह हैं लड़ाकू विमान राफेल की विशेष खासियतें
राफेल 2 पायलट वाला है। इसमें लगी 1.30 एमएम की गन एक ही बार में 125 राउंड गोलियां चला सकती है। और मेटेओर मिसाइल 100 किलोमीटर दूर उड़ रहे फाइटर जेट को भी गिराने में सक्षम है। 
15.27 मीटर लंबाई वाले विमान को बनाने में 70 मिलियन की लागत आती है।
राफेल ऊंचे इलाकों में भी लड़ाई के लिए माहिर है और केवल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार कर सकता है।
इस विमान की खासियत है यह भी है कि यह अधिकतम यह 24,500 किलोग्राम का भार उठाकर उड़ने में सक्षम है और इसकी अधिकतम रफ्तार 2200 से 2500 किमी. प्रतिघंटा है।
राफेल में कई तरह के खास इलेक्ट्रानिक सिस्टम लगे हैं। यह दुश्मन को लोकेट करने के साथ ही रडार तक जाम करने में सक्षम हैं। 
राफेल विमान फ्रांस की विमानन कंपनी दसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित 2 इंजन वाला विमान है। 

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