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भयानक हादसाः पलक झपकते ही आ गई कई लोगों की मौत

  • [By: FPIndia || Published: Oct 19, 2018 22:30 PM IST
भयानक हादसाः पलक झपकते ही आ गई कई लोगों की मौत
-रावण दहन देख रहे लोगों को तेज रफ्तार ट्रेन ने कुचला
-दिल दहला देने वाले हादसे को देखकर कांप गए लोग
Amritsar: पूरा देश जब विजयदशमी के पर्व की खुशियों में डूबा था तभी पंजाब के अमृतसर में दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। लापरवाही कई लोगों की मौत की वजह बन गई। 50 से ज्यादा लोगों की मौत की बात कही जा रही है जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण का पुतला दहन देख रहे लोगों को तेज रफ्तार ट्रेन कुचलते हुए निकल गई। ट्रेन निकली, तो मौके पर खूनी मंजर था पटरी खून से लाल हो चुकी थी और लाशें बिखरी पड़ी थी। लोगों में चीख पुकार मच गई। मृतकों में कई मासूम बच्चे भी शामिल थे जिन्हें उनके परिजन उत्सव दिखाने लाए थे।बड़े हादसे के बाद मशीनरी में हड़कंप मच गया। प्रथम दृष्टया प्रशासनिक लापरवाही प्रकाश में आयी। बताया जा रहा है कि मौके पर सुरक्षा व बचाव के पर्याप्त इंतजामात नहीं थे। सबसे बड़ा सवाल यह कि ऐसे स्थान पर कार्यक्रम को लेकर जरूरी कदम क्यों नहीं उठाए गए? हादसे के वक्त  पटरियों पर बड़ी संख्या में लोग जमा थे। पटाखों के शोर में ट्रेन की आवाज गुम हो गई। हादसे के बाद दशहरा कार्यक्रम में मौजूद कई नेता भाग निकले। मौके पर पहुंची पुलिस को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। घायलों को निजी व सरकारी अस्पतालों में पहुंचाया गया। 
     दर्दनाक हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश के गृह सचिव और डीजीपी से बात करके जरूरी दिशा-निर्देश दिए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे को दर्दनाक बताकर दुख जाहिर किया। इस बीच पंजाब सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रूपये मुआवजे की घोषणा की। हादसे के संबंध में हासिल रिपोर्ट्स के मुताबिक अमृतसर के जौड़ा बाजार क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के नजदीक बने ग्राउंड में दशहरे का उत्सव आयोजित किया जा रहा था। सैंकड़ों लोगों की भीड़ यहां मौजूद थी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोग उत्सव देखते-देखते अमृतसर-दिल्ली रेलवे के डबल ट्रैक पर पहुंच गए। पुतला दहन में तेज पटाखों की आवाज हो रही थी। ज्यादातर लोग मोबाइल से वीडियो भी बना रहे थे इसी बीच तेज गति से ट्रेन संख्या- डीएमयू 74943 आयी और धड़धड़ाती हुई निकल गई। कई लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला और वह ट्रेन की चपेट में आ गए। हर तरफ चीत्कार मची थी और लोग अपनों को तलाश रहे थे। ऐसे खौफनाक हादसे की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। हादसा उदाहरण भी है कि लापरवाही किस तरह मौत की वजह बन सकती है। 
     बताया गया कि हादसे के समय कई स्थानीय नेता मंच पर थे। हादसा होते ही वह भाग गए। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। पंजाब सरकार ने मुआवजे की घोषणा के साथ ही घायलों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की। रेलवे ने दो हेल्पलाइन नंबर  0183.2223171 - 0183.2564485 जारी किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए ट्वीट किया कि अमृतसर में ट्रेन दुर्घटना से बेहद दुखी हैं। उन लोगों के परिवारों के लिए मेरी गहरी संवेदनाएं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया और मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्दी से ठीक हो जाए। अधिकारियों से तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए कहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हादसे पर दुख जाहिर किया।
'अमृतसर में दशहरे के मौके पर हुए रेल दुर्घटना में राहत और बचावकार्य की व्यक्तिगत निगरानी के लिए अमृतसर निकल रहा हूं। मेरी सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए का मुआवजा ओर घायलों को प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी रखने का निर्देश दिया है' -कैप्टन अमरिंदर सिंह, मुख्यमंत्री
 
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