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दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंसू गैस के गोलों से सामना, पुलिस से टकराव

  • [By: FPIndia || Published: Oct 02, 2018 23:37 PM IST
दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंसू गैस के गोलों से सामना, पुलिस से टकराव
-किसान क्रांति यात्रा में शामिल किसानों को पुलिस से टकराव
Ghaziabad, (UP): अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान क्रांति यात्रा में शामिल हजारों किसानों का यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस से टकराव हो गया। किसान राजघाट जाना चाहते थे। दिल्ली पुलिस ने बड़े पत्थ्रों व लोहे की बैरिकेडिंग करके रास्ता पूरी तरह रोक दिया जिससे किसान नाराज हो गए और उन्होंने जबरन घुसने का प्रयास किया। इस पर पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन से पानी की भारी बौछार की। किसानों ने लाठीचार्ज का आरोप लगाया। इस कार्रवाई में करीब आधा दर्जन किसान घायल हो गए। दूसरी तरफ एक एसीपी समेत सात पुलिसकर्मी भी घायल हुए। दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों पर भीषण ट्रैफिक जाम के हालात बने।
     आरोप है कि कुछ लोगों की तरफ से पथराव किया गया। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी वार्ता की। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किसानों की मांगों पर आपसी सहमति बनने की बात कही, लेकिन भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने साफ किया कि किसान सरकार के सिर्फ आश्वासन को नहीं मानेंगे। उन्होंने आंदोलन जारी रखने एलान किया। किसानों ने सड़कों पर ही डेरा जमा दिया। यूपी सरकार के कई बड़े अधिकारियों के किसानों को मनाने के प्रयास भी विफल रहे। टकराव के चलते आरएएफ व वज्र वाहनों समेत भारी पुलिस बलों की तैनाती की गई। पूरे मामले पर राजनीति भी गर्मा गई और कांग्रेस, रालोद व आप जैसे दल भी उनके समर्थन में कूद गए।
     बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत के नेतृत्व में हजारों किसानों ने अपनी 11 मांगों को लेकर किसान क्रांति यात्रा की शुरूआत बीते 23 सितंबर को हरिद्वार से शुरू की थी। यह यात्रा मुजफ्फरनगर, मेरठ व गाजियाबाद होते हुए बॉर्डर पर पहुंची। किसानों की भारी संख्या को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में धारा-144 लगा दी गई और बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लगाकर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। पुलिस किसानों को दिल्ली में प्रवेश से रोकना चाहती थी। मंगलवार को इसको लेकर टकराव हो गया। किसान जब नहीं माने और ट्रैक्टर-ट्रॉली से से बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की। किसानों के प्रतिनिधि के साथ गृहमंत्री राजनाथ सिंह की मांगों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। नरेश टिकैत से भी उन्होंने फोन पर वार्ता की। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी, सुरेश राणा और कृषि सचिव संजय अग्रवाल किसानों के बीच पहुंचे। किसानों की कई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन किसानों ने इसे नकार दिया। 

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